विश्वास के साथ नेतृत्व

जमशेतजी टाटा द्वारा 1868 में स्थापित, टाटा समूह एक वैश्विक इंटरप्राइज़ है, जिसका मुख्यालय भारत में है और जिसमें 100 से अधिक स्वतंत्र संचालन वाली कंपनियां शामिल हैं। ‘विश्वास के साथ नेतृत्व के आधार पर दीर्घ-अवधि हितधारक मूल्यों के निर्माण के माध्यम से, उन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करना, जिनकी वैश्विक रूप से हम सेवा करते हैं’ – इस मिशन के साथ, यह समूह छः महाद्वीपों के 100 से अधिक देशों में परिचालन करता है। टाटा संस, टाटा कंपनियों की मूल निवेश होल्डिंग कंपनी तथा प्रवर्तक है। टाटा संस की छाछठ प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी परोपकारी ट्रस्टों के स्वामित्व की है, जो शिक्षा, रोज़गार निर्माण तथा कला व संस्कृति का समर्थन करते हैं। 2016-17 में, सभी टाटा कंपनियों का कुल राजस्व $100.39 बिलियन था। ये कंपनियां कुल मिलाकर 6,95,000 लोगों को रोज़गार प्रदान करती हैं। प्रत्येक टाटा कंपनी या इंटरप्राइज़ स्वतंत्र रूप से अपने निदेशक बोर्डों तथा शेयरधारकों के दिशानिर्देश व सुपरविज़न में परिचालन करती हैं। कुल मिला कर 29 सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध टाटा इंटरप्राइज़ हैं, जिनका संयुक्त बाजार पूंजीकरण लगभग $130.13 बिलियन (31 मार्च 2017 को) है। महत्वपूर्ण आकार वाली टाटा कंपनियों में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बेवरेजेस, टाटा टेलीसर्विसेस, टाटा कम्युनिकेशन्स तथा इंडियन होटेल्स शामिल हैं।

अपने व्यवसाय में बहुत सी टाटा कंपनियों ने ग्लोबल लीडरशिप हासिल करने में सफलता पाई हैं। उदाहरण के लिए, टाटा कम्युनिकेशंस नंबर वन इंटरनेशनल होलसेल वॉइस प्रोवाइडर है तथा टाटा मोटर्स दुनिया के सर्वोच्च दस वाहन निर्माता कंपनियों में शुमार है। मार्केट कैप और लाभ के लिहाज से टाटा स्टील दुनिया के पंद्रह श्रेष्ठ स्टील उत्पादकों में है और टीसीएस दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी है। टाटा ग्लोबल बेवरिजेज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी चाय कंपनी है और टाटा केमिकल्स सोडा ऐश के उत्पादन में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। अपने परिचालन में विविध प्रकार के कार्यबल नियुक्त करने के साथ टाटा कंपनियों ने विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानीय निवेश किए हैं। 

टाटा कंपनियों की लगातार बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति के अनुरूप टाटा ब्रांड की अंतर्राष्ट्रीय स्वीकार्यता भी बढ़ रही है। टाटा कंपनियां दुनिया भर के अपने ग्राहकों के लिए उनके दैनिक जीवन में महत्व के प्रतिष्ठित ब्रांड लेकर आती हैं। ब्रिटेन की एक कंसल्टेंसी फर्म ब्रांड फाइनांस ने 2016 में 23 अरब डॉलर के टाटा के मल्टी-ब्रांड पोर्टफोलियो का आकलन किया है।
प्रत्येक टाटा कंपनी या उद्यम स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और उसका अपना निदेशक मंडल और अपने शेयरधारक होते हैं जिनके प्रति वह जवाबदेह होता है।  कुछ बड़ी टाटा कंपनियां हैं टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, टाटा ग्लोबल बेवरेज, टाटा टेलीसर्विसेज, टाइटन, टाटा कम्युनिकेशंस और इंडियन होटल्स।

कई टाटा कंपनियां अपने कारोबार में वैश्विक रूप से अग्रणी स्थान पर हैं। उदाहरण के लिए टाटा कम्युनिकेशंस विश्व की सबसे बड़ी होलसेल वॉयस कैरियर है और टाटा मोटर्स विश्व के शीर्ष पांच व्यावसायिक वाहन निर्माताओं में एक है। टाटा स्टील विश्व के 10 सर्वश्रेष्ठ इस्पात निर्माताओं में से एक है और TCS शीर्ष 10 वैश्विक आईटी सेवा कंपनियों में शामिल है। टाटा ग्लोबल बेवरेज चाय के क्षेत्र में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है और टाटा केमिकल्स विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सोडा ऐश उत्पादक है। अपने परिचालन में विविध कार्यबल को नियुक्त करते हुए टाटा कंपनियों ने विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानीय निवेश किये हैं।

अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में टाटा कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के साथ-साथ टाटा ब्रांड को भी अंतर्राष्ट्रीय मान्यता हासिल हो रही है। यूके स्थित एक कंसल्टेंसी संस्था ब्रांड फाइनैंस ने अपनी ब्रांड फाइनेंस@ ग्लोबल 500 2014 रिपोर्ट में टाटा ब्रांड का मूल्य 21.1 बिलियन डॉलर आंका है और 500 सर्वाधिक मूल्यवान ग्लोबल ब्रांड में उसे 34वां स्थान दिया है।

अपनी अग्रणी रहने की भावना और उद्यमशीलता के चलते टाटा समूह ने भारत में राष्ट्रीय महत्व के कई उद्योगों को जन्म दिया है: जैसे इस्पात, पनबिजली, आतिथ्य सत्कार एवं एयरलाइन्स। इसी भावना में मौलिकता का संगम करके टीसीएस भारत की सबसे पहली सॉफ्टवेयर कंपनी बनी और टाटा मोटर्स ने भारत की पहली स्वदेशी कार टाटा इंडिका और स्मार्ट सिटी कार टाटा नैनो का उत्पादन करने का गौरव हासिल किया। इसी प्रकार टाटा स्टील यूरोप द्वारा विकसित साइलेंट ट्रैक तकनीक और नेक्ट्ी जेनरेशन टेरेन रिस्पॉन्स के साथ साथ जगुआर लैंड रोवर द्वारा रास्तों का पता लगाने के लिए इन्फ्रारेड लेजर स्कैनिंग और पानी की गहराई का पता लगाने के लिए वेड ऐड जैसे हालिया नवीन उत्पादों से टाटा कंपनियों की श्रेष्ठता हासिल करने की उत्कंठा प्रदर्शित होती है।

टाटा सन्स के सबसे प्रमुख शेयरधारक टाटा ट्रस्टों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, चिकित्सा अनुसंधान, सामाजिक अध्ययन एवं ललित कलाओं के क्षेत्र में कई संस्थानों की स्थापना की है। ये ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और आजीविका के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों को धन एवं सहायता भी प्रदान करते हैं। टाटा कंपनियां स्वयं भी अपने परिचालन क्षेत्र में नाना प्रकार की सामाजिक कल्याण गतिविधियां संचालित करती हैं और साथ ही संधारणीय व्यापारिक प्रथाओं को अमल में लाती हैं।

इसके अलावा टाटा कंपनियां ऐसे बहुराष्ट्रीय कारोबारों का निर्माण कर रही हैं जो ग्राहकोन्मुखता, मौलिकता, उद्यमशीलता, विश्वसनीयता और मूल्य आधारित कारोबार संचालन के जरिए अपनी एक अलग छवि बना रहे हैं और साथ ही शेयरधारकों, कर्मचारियों और सभ्य समाज सहित विभिन्न हितधारकों के हितों में संतुलन स्थापित कर रहे हैं।