जेएन टाटा एंडाउमेंट



जेएन टाटा एंडोमेंट की स्थापाना 1892 को टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा ने की थी जिसका उद्देश्य था युवाओं को दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करना। शिक्षा के क्षेत्र में यह टाटा का पहला समाजोपयोगी उपक्रम था और शायद यह विश्व में अपनी तरह की प्रथम था।

विगत 120 वर्षों से एंडाउमेंट अपने ऋण-स्कॉलरशिप कार्यक्रम के जरिए प्रतिभाशाली अध्येताओं के विश्वस्तरीय शिक्षा पाने के सपनों को पूरा करने की साहयता में जुटा है। सालाना, 120 छात्रों को विदेशों में उच्च शिक्षा हेतु भेजने के लिए एंडाउमेंट द्वारा चयन किया जाता है। वर्षों से अनेक जेएन टाटा स्कॉलरों ने जीवन के विविध क्षेत्रों में अपने कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

एंडाउमेंट द्वारा केवल ऋण स्कॉलरशिप प्रदान किया जाता है। हालांकि, चुनिंदा स्कॉलर गिफ्ट अवार्ड के भी पात्र हो सकते हैं। ऋण एवं गिफ्ट स्कॉलरशिप के रूप में हर स्कॉलर को दी जाने वाली राशि का निर्धारण उद्देश्य के आधार पर किया जाता है और इसमें अध्ययन की संपूर्ण लागत शामिल नहीं होती। उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप सभी संकायों और विषयों में प्रदान किए जाते हैं।

अर्हता की शर्तें

  • आवेदकों को भारतीय नागरिक तथा किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना चाहिए और उनका शैक्षिक रिकॉर्ड सतत रूप से सुंदर होना चाहिए।
  • डिग्री कोर्स के अंतिम वर्ष वाले छात्र और रिजल्ट के लिए प्रतीक्षारत छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।
  • 45 साल की उम्र तक मिड-करियर वाले पेशेवर लोग जो आगे के अध्ययन, विशेषज्ञता अर्जन या प्रशिक्षण के लिए विदेश जाना चाहते हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
  • पूरी तरह भरा हुआ आवेदन जमा करते वक्त छात्रों के लिए उन यूनिवर्सिटीज के प्रवेश/प्रस्ताव पत्र प्रस्तुत करना जरूरी नहीं होता जिनके लिए वे संबंधित शैक्षणिक वर्ष में आवेदन कर रहे होते हैं।

चयन की प्रक्रिया
आवेदन की शुरुआती जांच के बाद अभ्यर्थियों को विषय के विद्वान विशेषज्ञों द्वारा साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। अंतिम चयन मुंबई में होने वाले साक्षात्कारों के आधार पर किया जाता है जो प्रायः मार्च और जून के बीच हर साल आयोजित होते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया
ब्यौरे उपलब्ध www.jntataendowment.org