जनवरी 2016 | फिलिप चाको

रचनात्मक बढ़त की खोज में

टाटा ट्रस्ट अपने कार्यक्रमों की पहुँच और कार्यान्वयन को विस्तारित करने का प्रयास करता है जिसके लिए प्रौद्योगिकी और समाधानों में नवप्रवर्तन अनिवार्य है

लोकोपकारी कार्यों से संबंधित टाटा ट्रस्ट पोर्टफ़ोलियो के नए निर्देशों में नवप्रवर्तन और सामाजिक उद्यम शामिल हैं, जो उस बदले हुए तरीके का संकेत है, जिसे संस्था द्वारा आने वाले वर्षों में अपनाया जाएगा। यह विषयगत (थीमैटिक) नामावली ट्रस्ट के व्यापक होते दृष्टिकोण का संकेत भी है, यानी यह इसके कार्यक्षेत्र के विस्तार के साथ ही इसके द्वारा किए जाने वाले अपेक्षित बदलावों का भी सूचक है।

चेतनाबेन शाह, जो कि एक इंटरनेट साथी हैं, वे टैबलेट के माध्यम से इंटरनेट तक पहुंच के बारे में समझाती हैं

ट्रस्ट द्वारा अपनाए गए इस नए तरीके ने इसके उद्देश्यों की सूची में नवप्रवर्तन को सबसे ऊपर रखा है, ताकि सामाजिक विकास के क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जा सके।  और यह सामाजिक उद्यमियों को पूँजी, बाज़ारों, प्रतिभाओं और सेवाओं के साथ ही पारंपरिक और गैर-पारंपरिक तरीकों से सफलता प्राप्त करने के साधनों को प्रदान करने पर अत्यधिक ज़ोर देता है।

इस उद्देश्य से जुड़े गणेश नीलम का कहना है कि, “पिछले कुछ सालों में ट्रस्ट के दृष्टिकोण और तरीके में हुए बदलाव के कारण ही ऐसा हो पाया है। हमारे कार्यक्रम में पहले भी नवप्रवर्तनों को अपनाया जाता था, लेकिन अधिक व्यापक सामाजिक परिवेश में होने वाले नवप्रवर्तनों पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जाता था। हमें लगा कि इस उद्देश्य के लिए एक छोटे समूह का गठन करना ज़रूरी है, ताकि ऐसे नवप्रवर्तनों के बारे में जाना जा सके और उन्हें प्राप्त किया जा सके, जो हमारे विभिन्न कार्यक्षेत्रों से संबंधित हैं।”

नीलम और उनके सहकर्मियों पर ऐसी नई प्रौद्योगिकियों की तलाश करने की ज़िम्मेदारी है, जो उन्नति के मार्ग को प्रशस्त कर सकें। साथ ही इसके लिए लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने के लिए प्रतिबद्ध लोगों की आवश्यकता है। नीलम आगे जानकारी देते हुए बताते हैं कि, “द ट्रस्ट की टीमें ज़मीनी स्तर पर कार्यान्वयन से जुड़ी हैं। हमारा कार्य ऐसी प्रौद्योगिकियों की खोज करना है, जिनका उपयोग टीमों के द्वारा किया जा सके।”

जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की समस्या है उन क्षेत्रों में सोलर लैंप एक बड़ी सहायता हैं

कई ऐसे अलग-अलग क्षेत्र हैं, जिन पर हमारी नज़र है। ‘ओपन सोर्स फ़ार्मा’ में, हमारा विचार ऐसी किफ़ायती खोजों को तलाश करना है, जो विकासशील देशों में आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी उन चुनौतियों - उदाहरण के लिए, मलेरिया और यक्ष्मा (टीबी) - का सामना करने में मददगार हो, जिन्हें मुख्य धारा की फ़ार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा सामान्यतः अनदेखा कर देती हैं।

ट्रस्ट ने ओपन सोर्स फ़ाउंडेशन की स्थापना का समर्थन किया है। यह अपनी तरह का पहला ऐसा फ़ाउंडेशन है जो गरीब लोगों के इलाज में और रोगों से निपटने के लिए समाधान विकसित करने में सहायता करता है। नवप्रवर्तन उद्देश्य के अंतर्गत, फ़ाउंडेशन की शायद सबसे अनोखी पहल है कि यह क्राउड-सोर्स्ड, कंप्यूटर-ड्राइवर खोज; सामूहिक अनुसंधान के ज़रिए ऐसी दवाओं और इलाजों की खोज को संभव बनाना चाहता है, जो अपेक्षाकृत कम खर्चीली हैं, जिनमें ओपन डेटा के साथ क्लीनिकल ट्रायल (नैदानिक परीक्षण) और जेनेरिक दवाओं का निर्माण शामिल है।

सामाजिक उद्यमियों को बढ़ावा देने के इस प्रयास में, इस क्षेत्र में ट्रस्ट द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों से निपटने पर ज़ोर दिया जाता है, जैसे कि ऐसे उद्यमों की पहचान करना जो विस्तार करने के मुद्दे में मददगार हों; अनुसंधान के साथ ही प्रायोगिक और परीक्षण उत्पादों व सेवाओं मे निवेश को सहायता देना; और समुदाय के साथ ज़मीनी स्तर पर समर्थन और संबंध स्थापित करना। इस क्षेत्र में कार्यक्रम की अवधारणा निर्धारित करते समय सामाजिक मूल्य और आय के मॉडल पर विचार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

ट्रस्ट द्वारा गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में चलाई जाने वाली क्लीन कुकिंग परियोजना इसके कार्य करने के तरीके का एक बेहतरीन नमूना है। महिला संघों को इन राज्यों में ऐसे अलग-अलग उद्यमियों की पहचान करने के लिए नियुक्त किया गया है, जो इस उददेश्य में मदद करने के साथ ही साथ आजीविका में सहायता के लिए विशेषज्ञता, उत्पादों, वित्त और आपूर्ति शृंखला से संपन्न हों।

‘कनेक्टेड लर्निंग पहल’ – जो दो साल की अवधि में चार राज्यों के 1000 विद्यालयों तक पहुँचने का लक्ष्य रखती है – एक ऐसी पहल है जो समाज के वंचित समुदाय के हाई स्कूली छात्रों के लिए शिक्षा के स्तर को सुधारने हेतु अच्छे तरीके से तैयार किए गए पाठ्यक्रम और प्रौद्योगिकी का समन्वय करती है।

‘भारतीय पोषण पहल’ संभवतः ट्रस्ट का सबसे महत्वाकांक्षी हस्तक्षेप है जो देश में कुपोषण की अनियंत्रित समस्या को कम करने और खाद्य सुरक्षा को बढ़ाने से संबंधित है। दीर्घकालिक पोषण कार्यनीतियों के ज़रिए और सरकारी एजेंसियों, व्यवसायों, शिक्षण संस्थाओं तथा देश व विदेश के अन्य लोकोपकारी संगठनों के साथ मिलकर इस उद्देश्य को प्राप्त करने की योजना बनाई गई है। 

इंटरनेट क्या है, इस बारे में स्कूली विद्यार्थियों को जानकारी मिली

टाटा ट्रस्ट ने प्रोडिया सिस्टम्स के साथ जो भागीदारी की है, उसका मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाएँ प्राप्त करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना है, ताकि राजस्थान के लोगों को राज्य सरकार और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बैंकिंग और उद्यम के क्षेत्र में प्रदान की जाने वाली सेवाओं से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।

श्री नीलम और उनकी टीम नई खोजें करने के बजाय, पहले से मौजूद उन खोजों की तलाश कर रही है, जिनका भारतीय संदर्भ में उपयोग किया जा सकता है। श्री नीलम और नई खोजों की तलाश में जुटी उनकी टीम को कई सकारात्मक परिणाम मिले हैं। आख़िरकार, विस्तार और स्थायित्व टाटा ट्रस्ट के कार्यक्रम के अनिवार्य घटक हैं और नवप्रवर्तन इन दोनों को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।

कुशल एवं मौलिक बनना
प्रौद्योगिकी द्वारा प्रेरित, टाटा ट्रस्ट के नवप्रवर्तन और सामाजिक उद्यम संबंधी उद्देश्य सामाजिक विकास के अलग-अलग पहलुओं से जुड़े कार्यक्रमों से संबंधित हैं।

  • ‘ओपन सोर्स फ़ार्मा’ पहल ऐसी किफ़ायती खोजों की तलाश करती है, जो विकासशील देशों में आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों, जैसे मलेरिया और यक्ष्मा (टीबी) से निपटने में मददगार हों।
  • सामाजिक उद्यम के क्षेत्र में सामाजिक मूल्य और आय के मॉडल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उद्यमियों को पूँजी, बाज़ारों, प्रतिभाओं और सेवाओं तक पहुँच प्रदान की जाती है।
  •  ‘कनेक्टेड लर्निंग पहल’ अच्छे तरीके से तैयार किए गए पाठ्यक्रम और प्रौद्योगिकी को समन्वित करती है, ताकि हाई स्कूल के छात्रों की शिक्षा में सुधार किया जा सके। इसका लक्ष्य दो सालों में चार राज्यों के 1000 स्कूलों तक पहुँचना है।
  • ‘भारतीय पोषण पहल’ का लक्ष्य देश में कुपोषण की अनियंत्रित समस्या को कम करना और खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाना है।

यह लेख टाटा रिव्यू के जनवरी 2016 संस्करण में टाटा ट्रस्ट के बारे में प्रकाशित कवर स्टोरी का एक हिस्सा है:
पुनर्परिभाषित लोकोपकार
टाटा ट्रस्ट ने एकीकरण, प्रौद्योगिकी के उपयोग, समर्थन, साझेदारी आदि के माध्यम से - अपने अनेक परोपकारी प्रयासों के प्रभाव को गहन बनाने के लक्ष्य से नवीनीकरण का मार्ग निर्धारित किया है
'टाटा ट्रस्ट को अपने आप को अद्यतन बनाए रखना होगा'
रतन टाटा, चेयरमैन टाटा ट्रस्ट, ने ट्रस्ट के विकसित होते परोपकार संबंधी दृष्टिकोण, भविष्य की प्रगति तथा भारत के सामने खड़े प्राथमिकता वाले मामलों के बारे में बात की
स्वाद भरा समाधान
टाटा ट्रस्ट की एक विशिष्ट सार्वजनिक-निजी साझीदारी ने यह सुनिश्चित किया है कि हजारों आदिवासी बच्चे संपूर्ण आहार का आनंद लें
आहार के बढ़ते कदम
भारत में कुपोषण से निपटना एक अहम जरूरत है, और यह टाटा ट्रस्ट द्वारा ध्यान केंद्रित किए जाने वाले क्षेत्रों में से एक है
शुद्ध लाभ पक रहे हैं
टाटा ट्रस्ट द्वारा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर गुजरात में चलाए जाने वाले क्लीन कुकिंग और इंटरनेट जागरुकता कार्यक्रम से संगठन की मंशा और उसके प्रभाव का पता चलता है
उत्थान के लिए शिक्षा प्रदान करना
टाटा ट्रस्ट के समर्थन से संचालित परियोजना का आभार, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में शिक्षण केन्द्रों का प्रसार हुआ है
पूंजी तथा उत्कृष्टता
समुदाय के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में टाटा ट्रस्ट की पहलों को जोड़ने से लाभार्थियों को लाभ प्रदान करने की दिशा में सफलता मिली है
आशाओं की फसल, भरपूर लाभ
महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में संचालित टाटा ट्रस्ट की एक पहल हजारों गरीब किसानों को सहायता प्रदान करती है, जिन्हें पारंपरिक खेती से हटने के लिए और अधिक लाभदायक फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है
ग्रामीण समृद्धि
टाटा ट्रस्ट का ग्रामीण आजीविका एवं समुदाय पोर्टफोलियो का लक्ष्य बहुत से उपायों के माध्यम से गरीबी में कमी करना है
कदम-दर-कदम भविष्य का निर्माण
टाटा ट्रस्ट के समर्थन ने विशेष रूप से गुजरात में हजारों प्रवासियों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां सुरक्षित करने, वित्तीय सुरक्षा पाने तथा अपने जीवन को रूपांतरित करने में सक्षम किया है
ग्रामीण रुग्णता का एक शहरी संस्करण
टाटा ट्रस्ट ने अपना ध्यान शहरी गरीबी तथा आजीविका पर एक ऐसे मसले के रूप में केन्द्रित किया जिसे एक ऐसे समय केन्द्रित दखल की जरूरत थी, जब अधिकांश लोकोपकारी एजेंसियां ग्रामीण गरीबी पर अपना ध्यान केन्द्रित कर रही थीं
प्रवाह के विपरीत जाना
उत्तराखंड के उत्तुंग गिरि शिखरों पर जल को अमृत माना जाता है और टाटा ट्रस्ट तथा उसके सहयोगियों द्वारा इसे लोगों तक पहुँचाने में दी जाने वाली सहायता ने लोगों के जीवन और उनकी किस्मत को बदल दिया है
अधिकतम सदुपयोग अभियान
टाटा वॉटर मिशन, टाटा ट्रस्ट में निहित सामाजिक विकास क्षमताओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लक्ष्य से प्रेरित है
ताल पुनर्जीवित
टाटा ट्रस्ट के प्रयास से गुजरात के कच्छ में शुरू हुई एक परियोजना द्वारा कौशल का अभ्यास करने वाले संगीतकारों के लिए नए अवसर पैदा कर इलाके की लोक संगीत परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है
विस्तृत किया गया कैनवास
टाटा ट्रस्ट का मीडिया, कला एवं संस्कृति थीम भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण करने और उसे साकार करने वाले लोगों पर केंद्रित है