जनवरी 2016 | सिन्थिआ रोड्रिग्स

पूंजी तथा उत्कृष्टता

समुदाय के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में टाटा ट्रस्ट की पहलों को जोड़ने से लाभार्थियों को लाभ प्रदान करने की दिशा में सफलता मिली है

टाटा ट्रस्ट दो तरीकों से शिक्षा के क्षेत्र में काम करता है: चुनौतीपूर्ण सामाजिक विकास संकेतकों वाले क्षेत्रों में राज्य स्तरीय पहलों को समर्थन प्रदान करना और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ साझेदारी के माध्यम से नवाचार का समर्थन करना।

शिक्षा में प्रौद्योगिकी पर ट्रस्ट के एकीकृत दृष्टिकोण के एक हिस्से के रूप में विद्यार्थियों द्वारा डिजिटल कहानी का प्रस्तुतिकरण

राज्य स्तरीय पहलों के माध्यम से, टाटा ट्रस्ट न केवल साइलो में रहने वालों के स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका पर ध्यान देता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए उस क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को पूरा करने पर भी ध्यान देता है।

विशेषकर क्षेत्रीय और आदिवासी भाषाओं में, महत्वपूर्ण और प्रासंगिक रूप से उपयुक्त बाल साहित्य की कमी ने ट्रस्ट को इस तरह का साहित्य विकसित करने के लिए राजी कर लिया।पराग - ट्रस्ट की एक पहल - कई भाषाओं में वैसा साहित्य तैयार करने के लिए लेखकों और चित्रकारों के साथ काम कर रहा है, जो स्थानीय संदर्भ और परिवेश के प्रति ज्यादा अनुकूल है।

टाटा ट्रस्ट की एसोसिएट डायरेक्टर, तारा सबावाला कहती हैं, “बच्चों के पास एक भाषा की समझ का अभ्यास करने का मार्ग होना चाहिए।कहानियां बच्चों को कक्षा में सीखी गई बातों और अपने जीवन में उपयोग की जा सकने वाली बातों के बीच एक जुड़ाव प्रदान करती हैं, और इस तरह वे शिक्षण को मजेदार और मनोरंजनपूर्ण बना देती हैं।एक बच्चे को केवल पाठ्यपुस्तकें ही नहीं पढ़नी चाहिए।"

शिक्षा में तकनीक का उपयोग एक अन्य ध्यान दिए जाने योग्य क्षेत्र है।टाटा ट्रस्ट, शिक्षा में तकनीक की संभावना को पहचानने के साथ ही बच्चों में संकल्पनाओं और विषयों की सीख को बेहतर बनाने के लिए, एक उपकरण के रूप में तकनीक का उपयोग करने के द्वारा उन्हें डिजिटल रूप से साक्षर बनाने से कहीं आगे ले जाने की आवश्यकता को भी पहचानता है।

सुश्री सबावाला कहती हैं, “वेब आधारित तकनीक बच्चों की रूचि वाले 3डी, गेम्स और उन्हें सामग्री के साथ जोड़ने वाले अन्य उपकरणों के उपयोग की अनुमति प्रदान करती है।हम इन तकनीकी स्थानों को सिर्फ कंप्यूटर कक्षाओं की तुलना में शिक्षण प्रयोगशालाओं के रूप में अधिक देख रहे हैं।"

सबसे बड़ी पहलों में से एक, जो शीघ्र शुरू होने वाली है, वह CLIx यानी कनेक्टेड लर्निंग पहल है।इस पहल को टाटा ट्रस्ट, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज़  तथा मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) द्वारा संयुक्त रूप से डिज़ाइन एवं परिकल्पित किया गया है। और इसके अंतर्गत राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में कक्षा 8, 9 और 11 के छात्रों के लिए गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों के लिए स्थानीय भाषाओं और अंग्रेजी में मॉड्यूल प्रदान किए जाएंगे।

ट्रस्ट ने पहल के लिए सामग्री उपलब्ध कराने हेतु बहुत से विषय विशेषज्ञों के साथ करार किया है, जबकि एमआईटी इसमें शिक्षण स्तरों में सुधार करने में मदद करने वाली तकनीक का समावेश करेगा।सामग्री को ओपन सोर्स सामग्री के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि कोई भी इसका उपयोग निःशुल्क रूप से कर सके।इसे उन चार राज्यों में सरकारी स्कूलों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिन्होंने प्रारंभिक चरण में इस पर हस्ताक्षर किए हैं।

टाटा ट्रस्ट ने हाल ही में, सबसे बड़े ओपन-एक्सेस ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों में से एक के माध्यम से निःशुल्क ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने के लिए, अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संस्था खान अकादमी के साथ अपने सहयोगी उपक्रम की घोषणा की है।

शिक्षा के क्षेत्र में टाटा ट्रस्ट के केंद्रण का एक अन्य प्रमुख तत्व शिक्षक प्रशिक्षण है।इस बात को मानते हुए कि शिक्षा की गुणवत्ता प्रत्यक्ष रूप से शिक्षक की गुणवत्ता पर निर्भर है, टाटा ट्रस्ट शिक्षकों के प्रशिक्षण के मुद्दे के साथ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पर भी ध्यान देने के लिए उत्सुक है।इसने इस विषय पर आगे की रणनीति बनाने के लिए सुप्रसिद्ध शिक्षाविदों के साथ एक कोर कमेटी का गठन किया है कि शिक्षक शिक्षण पर कैसे ध्यान दिया जाना चाहिए।

टाटा ट्रस्ट आदिवासी शिक्षा के प्रति भी प्रतिबद्ध है, जो कि आदिवासियों के उत्थान के मार्ग में एक महत्वपूर्ण तत्व है।आदिवासी शिक्षा भाषा संबंधी मुद्दों की वजह से संकटग्रस्त है।आदिवासी बच्चों को या तो आश्रमशालाओं(स्थानीय आवासीय विद्यालयों) या उन सरकारी स्कूलों में नामांकित किया जाता है, जहाँ उनकी शिक्षा बाधित होती है क्योंकि वहां शिक्षण का माध्यम उनकी मातृभाषा से अलग होता है।

रभावी लर्निंग सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक फ्लैशकार्डों का उपयोग करना सीख रहे हैं

टाटा ट्रस्ट बहुभाषी शिक्षा को प्रोत्साहित करने और आदिवासी बच्चों की मातृभाषा से राज्य की भाषा के अवस्थांतर में मदद करने के लिए बहुभाषी शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रहा है।वर्तमान में, ट्रस्ट महाराष्ट्र और ओडिशा में एक चरण पर काम कर रहा है।यह बाल संरक्षण के मुद्दे को संबोधित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चों का शोषण न होने पाए।

मदरसा शिक्षा के क्षेत्र में, ट्रस्ट नालंदा के अलावा विक्रमशिला और आजाद इंडिया फाउंडेशन (एआईएफ) के साथ कार्य कर रहा है।एआईएफ द्वारा बिहार में मदरसे के बच्चों के शिक्षण स्तर को औपचारिक स्कूलों के अपेक्षित स्तर तक लाने के लिए सुधारात्मक कक्षाएं आयोजित की जाती हैं।पश्चिम बंगाल में कार्यरत विक्रमशिला मदरसा शिक्षा के दीनी (धार्मिक) और दुनियावी (धर्मनिरपेक्ष) तत्वों को एकीकृत करना चाहता है, जो कि टाटा ट्रस्ट द्वारा डिजाइन किया गया एक अन्य कार्यक्रम है।

ट्रस्ट में कार्यरत वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी, डॉ चरानिया - जिन्होंने इस कार्यक्रम के प्रशिक्षण पर मदरसे के मौलवियों को प्रशिक्षित किया गया है - कहते हैं, “इसका लक्ष्य विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान को इस्लाम से संबंधित ज्ञान से जोड़ना है।इन गतिविधियों में बच्चों द्वारा संसार के मानचित्र पर भारत और अरब को चिह्नित करना, इस्लामी वास्तुकला में प्रचलित ज्यामितीय आकारों का अध्ययन करना तथा और मुस्लिम वैज्ञानिकों पर अनुसंधान, आदि शामिल हैं।  

ट्रस्ट मदरसों में ITE के प्रयोग द्वारा हावड़ा में तिकियापाड़ा मलिन बस्ती में सामरितन हेल्प मिशन के साथ; मुंबई की मलिन बस्तियों में शहेर (SAHER); जौनपुर, उत्तर प्रदेश में आजाद शिक्षा केन्द्र; और असम में नागांव में डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के साथ कार्य कर रहा है।

इसके अलावा, ट्रस्ट बड़ी संख्या में बच्चों के संपर्क वाले मुख्यधारा से अलग संस्थानों में शिक्षण प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में नीति और विधान को प्रभावित करने लिए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और राज्य शिक्षा बोर्डों, जैसे सरकारी निकायों के साथ गठबंधन करने के लिए भी प्रयासरत है।

यह लेख टाटा रिव्यू के जनवरी 2016 संस्करण में टाटा ट्रस्ट के बारे में प्रकाशित कवर स्टोरी का एक हिस्सा है:
पुनर्परिभाषित लोकोपकार
टाटा ट्रस्ट ने एकीकरण, प्रौद्योगिकी के उपयोग, समर्थन, साझेदारी आदि के माध्यम से - अपने अनेक परोपकारी प्रयासों के प्रभाव को गहन बनाने के लक्ष्य से नवीनीकरण का मार्ग निर्धारित किया है
'टाटा ट्रस्ट को अपने आप को अद्यतन बनाए रखना होगा'
रतन टाटा, चेयरमैन टाटा ट्रस्ट, ने ट्रस्ट के विकसित होते परोपकार संबंधी दृष्टिकोण, भविष्य की प्रगति तथा भारत के सामने खड़े प्राथमिकता वाले मामलों के बारे में बात की
स्वाद भरा समाधान
टाटा ट्रस्ट की एक विशिष्ट सार्वजनिक-निजी साझीदारी ने यह सुनिश्चित किया है कि हजारों आदिवासी बच्चे संपूर्ण आहार का आनंद लें
आहार के बढ़ते कदम
भारत में कुपोषण से निपटना एक अहम जरूरत है, और यह टाटा ट्रस्ट द्वारा ध्यान केंद्रित किए जाने वाले क्षेत्रों में से एक है
शुद्ध लाभ पक रहे हैं
टाटा ट्रस्ट द्वारा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर गुजरात में चलाए जाने वाले क्लीन कुकिंग और इंटरनेट जागरुकता कार्यक्रम से संगठन की मंशा और उसके प्रभाव का पता चलता है
रचनात्मक बढ़त की खोज में
टाटा ट्रस्ट अपने कार्यक्रमों की पहुँच और कार्यान्वयन को विस्तारित करने का प्रयास करता है जिसके लिए प्रौद्योगिकी और समाधानों में नवप्रवर्तन अनिवार्य है
उत्थान के लिए शिक्षा प्रदान करना
टाटा ट्रस्ट के समर्थन से संचालित परियोजना का आभार, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में शिक्षण केन्द्रों का प्रसार हुआ है
आशाओं की फसल, भरपूर लाभ
महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में संचालित टाटा ट्रस्ट की एक पहल हजारों गरीब किसानों को सहायता प्रदान करती है, जिन्हें पारंपरिक खेती से हटने के लिए और अधिक लाभदायक फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है
ग्रामीण समृद्धि
टाटा ट्रस्ट का ग्रामीण आजीविका एवं समुदाय पोर्टफोलियो का लक्ष्य बहुत से उपायों के माध्यम से गरीबी में कमी करना है
कदम-दर-कदम भविष्य का निर्माण
टाटा ट्रस्ट के समर्थन ने विशेष रूप से गुजरात में हजारों प्रवासियों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां सुरक्षित करने, वित्तीय सुरक्षा पाने तथा अपने जीवन को रूपांतरित करने में सक्षम किया है
ग्रामीण रुग्णता का एक शहरी संस्करण
टाटा ट्रस्ट ने अपना ध्यान शहरी गरीबी तथा आजीविका पर एक ऐसे मसले के रूप में केन्द्रित किया जिसे एक ऐसे समय केन्द्रित दखल की जरूरत थी, जब अधिकांश लोकोपकारी एजेंसियां ग्रामीण गरीबी पर अपना ध्यान केन्द्रित कर रही थीं
प्रवाह के विपरीत जाना
उत्तराखंड के उत्तुंग गिरि शिखरों पर जल को अमृत माना जाता है और टाटा ट्रस्ट तथा उसके सहयोगियों द्वारा इसे लोगों तक पहुँचाने में दी जाने वाली सहायता ने लोगों के जीवन और उनकी किस्मत को बदल दिया है
अधिकतम सदुपयोग अभियान
टाटा वॉटर मिशन, टाटा ट्रस्ट में निहित सामाजिक विकास क्षमताओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लक्ष्य से प्रेरित है
ताल पुनर्जीवित
टाटा ट्रस्ट के प्रयास से गुजरात के कच्छ में शुरू हुई एक परियोजना द्वारा कौशल का अभ्यास करने वाले संगीतकारों के लिए नए अवसर पैदा कर इलाके की लोक संगीत परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है
विस्तृत किया गया कैनवास
टाटा ट्रस्ट का मीडिया, कला एवं संस्कृति थीम भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण करने और उसे साकार करने वाले लोगों पर केंद्रित है