व्यवसाय में उत्कृष्टता

टाटा कंपनियों को विकास करने तथा वैश्विक मंच पर खुद को स्थापित होने में मदद करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है समूह में मौजूद सशक्त व्यवसाय उत्कृष्टता संस्कृति।

टाटा समूह में उत्कृष्टता एक सतत खोज है और टाटा कंपनियां परिचालनों के सभी पहलुओं में विश्व स्तरीय मानकों को हासिल करने के लिए सदा प्रयासरत रहती हैं। इन प्रयासों में व्यावसायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाली व सक्षम करने वाली समूह स्तरीय प्रक्रियाओं व प्रणालियों के माध्यम से उन‍की सहायता की जाती है।

मॉडल
टाटा कंपनियां टाटा व्यवसाय उत्कृष्टता मॉडल (टीबीईएम) का उपयोग करती हैं, जिसमें रणनीति तथा नेतृत्व से लेकर सुरक्षा तथा जलवायु परिवर्तन तक के विभिन्न व्यावसायिक पहलुओं को शामिल किया गया हैं। विख्यात मैल्कम बाल्डरिज मॉडल से अनुकूलित किया गया टीबीईएम बेंचमार्किंग व मूल्यांकन की एक औपचारिक प्रणाली के माध्यम से सतत सुधार को प्रोत्साहित करता है। 

समर्थन
टीबीईएम पहल टाटा गुणवत्ता प्रबंधन सेवाओं (टीक्यूएमएस) के अधीन आता है। टीक्यूएमएस एक इन-हाउस संगठन है जिसका गठन विभिन्न टाटा कंपनियों को उनकी व्यावसायिक उत्कृष्टता तथा सुधार के लक्ष्यों को हासिल करने में सहायता के लिए किया गया है। टीक्यूएमएस प्रोफाइल>>

फोरम
टाटा व्यावसायिक उत्कृष्टता कनवेंशन एक ऐसी फोरम है जो पूरी दुनिया से टाटा के उत्कृष्टता के चैंपियनों को एक साथ लाती है। चुनौतियों तथा अवसरों पर वैश्विक विशेषज्ञों के विचार। टीबीईसी 2012>>

मान्यता
जेआडी क्यूवी पुरस्कार एक वार्षिक उत्सव है जिसमें उन टाटा कंपनियों को सम्मान दिया जाता है जिन्होने गुणवत्ता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं तथा उत्कृष्टता हासिल की है। 

वैसे तो टाटा के व्यवसाय संचालन में गुणवत्ता हमेशा से बेहद महत्वपूर्ण रही है, लेकिन 1990 के दशक की शुरुआत में एक ऐसी औपचारिक प्रणाली की जरूरत महसूस की जाने लगी जो समूह की विभिन्न कंपनियों के इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का अंशाकन कर सके। जिसके चलते 1995 में जेआरडी गुणवत्ता मूल्य पुरस्कार, टीबीईएम के अग्रदूत की स्थापना की गयी। समूह के पूर्व चेयरमैन तथा टाटा कंपनियों में व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए अथक प्रयास करने वाले स्वर्गीय श्री जेआरडी टाटा के नाम पर शुरु किए गए पुरस्कारों को अब टीबीईएम में समाविष्ट कर दिया गया है। 

व्यावसायिक हलकों में जेआरडी के नाम से लोकप्रिय जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा ने भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक घराने की नियति को आधी सदी से अधिक समय तक निर्देशित किया। समूह के शीर्ष पर रहने के दौरान जेआरडी ने कई नए उद्योगों को स्थापित करने में मदद की।

वे गुणवत्ता के महत्व को लेकर हमेशा सचेत रहते थे और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि गुणवत्ता के प्रति यह चेतना टाटा समूह के सभी संगठनों में मौजूद रहे। उनको इस बात पर गर्व था कि समूह की कंपनियां स्थानीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों व सेवाओं की गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं।

जीवन के हर क्षेत्र में परिपूर्णता लाने के उनके प्रयास के प्रति श्रद्धा के रूप में, उनकी याद में जेआरडी टाटा गुणवत्ता मूल्य पुरस्कार स्थापित किया गया था।

जेआरडी क्यूवी पुरस्कार को मैल्कम बाल्डरिज राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार के आधार पर अन्य राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कारों के लाभदायी गुणों को एकीकृत करते हुए, मॉडल किया गया है।  यह पुरस्कार टाटा समूह के भीतर की किसी ऐसी कंपनी को दिया जाता है जिसने गुणवत्ता प्रबंधन में उत्कृष्टता हासिल की हो तथा गुणवत्ता के उच्चतम स्तरों को हासिल किया हो।

यह एक वार्षिक पुरस्कार है जिसे हर साल जेआरडी टाटा के जन्मदिवस 29 जुलाई पर विजेता कंपनी को प्रदान किया जाता है।

इस पुरस्कार के उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • टाटा समूह में गुणवत्ता के मूल्य के महत्व तथा परिचालनों के समस्त क्षेत्रों में समग्र ग्राहक संतुष्टि की आवश्यकता पर जागरुकता पैदा करने के लिए।
  • सतत् उत्कृष्टता बनाए रखने तथा इससे बाज़ार में अग्रणी स्थिति हासिल करने के लिए

आचार संहिता
टाटा की आचार संहिता (टीसीओसी) सम्पूर्ण टाटा में लागू एक आवश्यक नीति है जो यह निर्धारित करती है कि टाटा कर्मचारियों का व्यवहार कैसा होगा। टीसीओसी के बारे में और अधिक पढ़ें >>

कहानियां


व्यापारिक उत्कृष्टता: 20 वर्ष एवं गिनती
बीस साल पहले, टाटा समूह ने उत्कृष्टता के लिए एक खोज निर्धारित की, जिसने टाटा ब्रांड की प्रतिष्ठा और मान बढ़ाया है, व्यक्तिगत टाटा कंपनियों के विकास को प्रेरित किया है और समूह के वैश्विक विकास की नींव रखी